SBI Pashupalan Loan Yojana क्या है?
भारत जैसे कृषि प्रधान देश में किसान और पशुपालक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। लेकिन अक्सर छोटे किसानों और पशुपालकों के पास पशुओं की खरीद या डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं होती।
ऐसे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने देश के किसानों के लिए एक बहुत ही लाभदायक योजना शुरू की है —
👉 SBI Pashupalan Loan Yojana 2025,
जिसके तहत किसानों को पशुपालन, डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन या भैंस पालन जैसे व्यवसायों के लिए आसान ब्याज दर पर लोन दिया जा रहा है।
इस योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता देना, रोजगार बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
📘 SBI Pashupalan Loan Yojana 2025 Overview
| योजना का नाम | SBI Pashupalan Loan Yojana 2025 |
|---|---|
| बैंक का नाम | स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) |
| योजना का प्रकार | सरकारी बैंक लोन योजना |
| लाभार्थी | किसान, पशुपालक, डेयरी संचालक |
| उद्देश्य | पशुपालन, डेयरी या बकरी पालन के लिए लोन सुविधा प्रदान करना |
| लोन राशि | ₹25,000 से ₹10 लाख तक |
| ब्याज दर | 7% से 10% (योजना के अनुसार) |
| पुनर्भुगतान अवधि | अधिकतम 5 वर्ष |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन / ऑफलाइन दोनों माध्यम से |
| आधिकारिक वेबसाइट | 🔗 https://sbi.co.in |
🎯 योजना का उद्देश्य
SBI Pashupalan Loan Yojana का मुख्य उद्देश्य देश के छोटे किसानों और पशुपालकों को डेयरी या पशुपालन व्यवसाय के लिए वित्तीय सहायता देना है।
इससे किसान अपने पशु-पालन से आय को दोगुना कर सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
इस योजना के अंतर्गत किसान निम्नलिखित कार्यों के लिए लोन ले सकते हैं –
- दूध उत्पादन हेतु गाय-भैंस खरीदना
- डेयरी फार्म शुरू करना
- बकरी पालन या मुर्गी पालन
- पशुओं के चारा उत्पादन के लिए भूमि तैयार करना
- पशु-शेड (Animal Shed) निर्माण
- डेयरी उपकरण खरीदना
💰 लोन की राशि और ब्याज दर
- लोन राशि: ₹25,000 से ₹10,00,000 तक
- ब्याज दर: 7% से 10% प्रतिवर्ष (SBI की कृषि दरों के अनुसार)
- लोन अवधि: अधिकतम 5 वर्ष (60 महीने तक)
- सब्सिडी: पात्र किसानों को NABARD और सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जाती है।
💡 उदाहरण:
यदि कोई किसान 2 गाय खरीदना चाहता है और लागत ₹1,00,000 आती है, तो SBI उसे 80% राशि यानी ₹80,000 तक का लोन दे सकता है।
👨🌾 किसान को क्या लाभ मिलेगा?
- कम ब्याज दर पर लोन सुविधा
- पशुपालन, डेयरी, बकरी या मुर्गी पालन के लिए पूंजी
- रोजगार के नए अवसर
- सरकार द्वारा सब्सिडी की सुविधा
- पशुपालन के लिए बीमा कवर
- आसान किश्तों में भुगतान (EMI)
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
🧾 SBI Pashupalan Loan Yojana की पात्रता
इस योजना का लाभ केवल वही व्यक्ति उठा सकते हैं जो निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करते हों:
- आवेदक भारत का नागरिक हो।
- आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो।
- किसान या पशुपालन व्यवसाय से जुड़ा हो।
- आवेदक के पास डेयरी या पशुपालन की भूमि या शेड हो।
- बैंक में सिबिल स्कोर 650+ होना चाहिए।
- किसी अन्य बैंक में पहले से कृषि लोन बकाया न हो।
📜 आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
लोन आवेदन के लिए नीचे दिए गए दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड / पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- निवास प्रमाण पत्र
- भूमि / डेयरी शेड का दस्तावेज़
- पशुपालन से संबंधित योजना या प्रोजेक्ट रिपोर्ट
- बैंक पासबुक / अकाउंट स्टेटमेंट
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)
- पशुओं का बीमा कवर (यदि लागू हो)
📝 SBI Pashupalan Loan Yojana में आवेदन कैसे करें?
🔹 Step-by-Step आवेदन प्रक्रिया:
ऑनलाइन आवेदन:
- SBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं –
🔗 https://sbi.co.in - “Agriculture Loan / Rural Loan” सेक्शन पर क्लिक करें।
- “Pashupalan Loan Yojana” का विकल्प चुनें।
- ऑनलाइन आवेदन फॉर्म खोलें और सभी जरूरी विवरण भरें।
- सभी दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करें।
- आवेदन फॉर्म सबमिट करें।
- बैंक अधिकारी आपसे संपर्क करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे।
- लोन स्वीकृत होते ही राशि आपके खाते में जमा हो जाएगी।
ऑफलाइन आवेदन:
- नजदीकी SBI शाखा (रूरल एरिया ब्रांच) में जाएं।
- बैंक से “Pashupalan Loan Application Form” प्राप्त करें।
- फॉर्म में सभी जानकारी सही-सही भरें।
- आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
- बैंक अधिकारी द्वारा आपके पशुपालन प्रोजेक्ट की जांच की जाएगी।
- जांच पूरी होने के बाद लोन राशि स्वीकृत की जाएगी।
🏦 लोन चुकाने की प्रक्रिया (Repayment)
- लोन चुकाने के लिए अधिकतम अवधि 5 वर्ष (60 महीने) रखी गई है।
- भुगतान मासिक या त्रैमासिक किश्तों में किया जा सकता है।
- किसान चाहें तो लोन को आंशिक रूप से प्रीपेमेंट (Prepayment) भी कर सकते हैं।
- लोन चुकाने पर कोई पेनल्टी नहीं है।
📈 SBI Pashupalan Loan Yojana के फायदे
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| ब्याज दर | कम दर पर लोन |
| सब्सिडी | NABARD / सरकार से सहायता |
| पात्रता | सभी किसान / पशुपालक |
| सुरक्षा | बीमा कवरेज |
| आवेदन प्रक्रिया | आसान ऑनलाइन व ऑफलाइन |
| EMI | लचीली और किफायती |
| लाभार्थी | ग्रामीण क्षेत्र के किसान और डेयरी व्यवसायी |
🐄 किन व्यवसायों के लिए लोन मिल सकता है?
- डेयरी फार्मिंग (Dairy Farming)
- बकरी पालन (Goat Farming)
- भैंस पालन (Buffalo Farming)
- मुर्गी पालन (Poultry Farming)
- मछली पालन (Fish Farming)
- चारा उत्पादन (Fodder Production)
- पशु शेड निर्माण (Cattle Shed Construction)
📊 उदाहरण: लोन कैलकुलेशन
| लोन राशि | ब्याज दर | अवधि | EMI (लगभग) |
|---|---|---|---|
| ₹1,00,000 | 8% | 3 वर्ष | ₹3,134 |
| ₹2,50,000 | 8% | 5 वर्ष | ₹5,070 |
| ₹5,00,000 | 9% | 5 वर्ष | ₹10,400 |
(EMI SBI बैंक की वर्तमान दरों के अनुसार बदल सकती है)
🧠 महत्वपूर्ण सुझाव
- आवेदन करने से पहले अपने नजदीकी SBI ब्रांच में जाकर योजना की पुष्टि करें।
- यदि आपका लोन कृषि कार्य के लिए है, तो सरकारी सब्सिडी भी प्राप्त हो सकती है।
- समय पर EMI भुगतान करने से आपका CIBIL स्कोर मजबूत रहेगा।
- पशुओं का बीमा कराना आवश्यक है ताकि नुकसान की स्थिति में आपको सुरक्षा मिल सके।
❓ FAQs — SBI Pashupalan Loan Yojana से जुड़े सामान्य प्रश्न
Q1. SBI Pashupalan Loan Yojana क्या है?
👉 यह योजना किसानों और पशुपालकों को डेयरी या पशुपालन व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन सुविधा देती है।
Q2. अधिकतम लोन राशि कितनी मिल सकती है?
👉 ₹25,000 से ₹10 लाख तक का लोन प्राप्त किया जा सकता है।
Q3. लोन की अवधि कितनी होती है?
👉 अधिकतम 5 वर्ष तक।
Q4. क्या यह लोन सब्सिडी के साथ आता है?
👉 हां, पात्र किसानों को NABARD या राज्य सरकार से सब्सिडी मिल सकती है।
Q5. आवेदन कैसे करें?
👉 ऑनलाइन SBI वेबसाइट से या नजदीकी शाखा में जाकर ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है।
Q6. क्या लोन पर बीमा सुविधा होती है?
👉 हां, पशुओं का बीमा अनिवार्य रूप से कराया जाता है।
📢 निष्कर्ष
SBI Pashupalan Loan Yojana 2025 किसानों और पशुपालकों के लिए एक बेहतरीन अवसर है।
अगर आप डेयरी, बकरी पालन या पशुपालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो यह लोन योजना आपकी आर्थिक मदद कर सकती है।
कम ब्याज दर, लचीली EMI और सरकारी सब्सिडी इसे खास बनाते हैं।
👉 आज ही SBI शाखा जाएं या sbi.co.in पर ऑनलाइन आवेदन करें और आत्मनिर्भर किसान बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।